यो नटवर नंद का लाल मेरे मन बस गयो रे
यो नटवर नंद का लालमेरे मन बस गयो रे,घायल की गत घायल जाने,मैं जाऊँगी यमुना किनारे,जहां रास रचावे नंद लाल,मेरे मन बस गयो रे।। जब बाजे मेरी श्याम की मुरलिया,छम छम नाचूँ मैं बांध के घुँघरिया,उठ रहीमन में झंकार,मेरे मन बस गयो रे।। जग मस्तानी मुझे कहने लग है,नीर मेरे मन से बहने लगा है,कौन … Read more