चढ़े पौड़ी तेरी वो ही जिसे तू खुद बुलाती है
चढ़े पौड़ी तेरी वो ही जिसे तू खुद बुलाती है Chadhe Poudi Teri Wo Hi Jise Tu Khud Bulati Hai चढ़े पौड़ी तेरी वो हीजिसे तू खुद बुलाती है।। ना जन्नत में ना ख्यालो मेंनहीं है कहीं जमाने में।। सुकुन दिल हमें मिलता हैलड़ाली के बरसाने में।। बुलालेटी जिसे श्यामाना दिल से फिर भूलती है।। … Read more