दो दिन की जिंदगी है दो दिन का मेला

इस जगत सराए में मुसाफ़िर रहना दो दिन का,रहना दो दिन का मुसाफ़िर रहना दो दिन का,रहना दो दिन का रहना दो दिन काक्यों वीरथा करे ग़ुमान मूरख इस धन और जोबन का,नाहीं भरोसा पल का नाहीं भरोसा पल का,यूँ ही मर जाएगा यूँ ही मर जाएगा।। दो दिन की जिंदगी है दो दिन का … Read more

करले करले भजन जो उतरना हो पार

करले करले भजन जो उतरना हो पारना तो जीवन की नैया रहेगी मजधार।। हरि नाम बिन पार लगे नाऔर कोई पतवार लगे नादेख करके जतन चाहे बन्दे हजार।। कागज की है जीवन नैयाहरि नाम बस इसका खिवैयाना रटेगा हरी को तो जाएगा हार।। बन्दे किसी को ना तू सतनाना तू किसी के दिल को दुखानान … Read more

तेरी काया की हवेली बन्दे एक दिन ढह जाएगी

तेरी काया की हवेली बन्दे एक दिन ढह जाएगी,एक दिन ढह जाएगी रे बन्दे एक दिन ढह जाएगी,कोई रोक ना पाएगा दुनीयाँ बस देखती रह जाएगी।। काया को तू रोज सजाता देख देख इसको इतराता,नहीं जानता ये तो धोखा एक दिन दे जाएगी,तेरी काया की हवेली बन्दे एक दिन ढह जाएगी।। ये भी करलू वो … Read more

सरस ऋषि जी की हम कथा सुनाते है

सरस ऋषि जी की हम कथा सुनाते हैविप्रा सारस्वत समाज का इतिहास बताते हैजय सरस ऋषि महाराज जय विप्रा राज महाराज।। राजस्थान की उज्जवल धरती उज्जवल है इतिहासभाटी क्षत्रिय वंसी राजा करते यहाँ पर राजबड़े प्रतापी राजा जिनका देवराज था नामअमन चैन से जीवन सारे लोग बिताते हैविप्रा सारस्वत समाज का इतिहास बताते है।। सरस … Read more

भक्ति भजन बिना ये नर तन माजा ना देगा

भक्ति भजन बिना ये नर तन माजा ना देगाकौन कहता है भगवन आते नहीं प्रेम से उनको तुम बुलाते नहींकौन कहता है भगवन रोते नहीं सुदामा की तरह तुम उनको रुलाते नहींभक्ति भजन बिना ये नर तन माजा ना देगा।। भक्ति भजन बिना ये नर तन माजा ना देगाअगर माझा नहीं गया तो नर तन … Read more

तेज है लेकिन गमों की आंधियां चली जाएगी

मुझे अपनों ने मारा औरो का क्या दम थामेरी कश्ती वह डूब गयी जहाँ पानी काम थाआप गैरो की बात करते हो हमने अपनों से चोट खायी हैआप काटो की बात करते हो हमने फूलो से चोट खायी है।। तेज है लेकिन गमों की आंधियां चली जाएगी,इन चिरागों को ना छूना उंगलियां जल जाएगी।। तेज … Read more

संत रविदास अमृतवाणी दोहावली

हरि सा हीरा छांड कै, करै आन की आसते नर जमपुर जाएंगे, सत भाषै रविदास।। जा देखैै घिन ऊपजै, नरक कुण्ड में बास,प्रेम भक्ति से ऊद्धरै परगट जन रैदास।। ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन को अन्न,छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहै प्रसन्न।। पराधीनता पाप है, जान लेहु रे मीतरैदास दास पराधीन सौं, … Read more

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी,ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी,आदत पुरानी लीक पे चलती चली गयी।। हम चाहते थे होवे हरी की उपासना,दिन रात मगर वासना छलती चली गयीठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी।। दुनिया में दिखा सब कुछ लेकिन मिला न कुछ,बेबस जवानी हाथ भी मलती चली … Read more

प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा

ओ ओ प्रभुजी मेरे प्रभुजी मेरेप्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा।। प्यासा हिरण जैसे ढूंढे है जल को,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा।। तू ही मेरे मन की अभिलाषा,तू ही मेरे मन की अभिलाषा,तेरी पूजा निस दिन करता रहूँ … Read more

कण कण में जो रमा है हर दिल में है समाया

कण कण में जो रमा है हर दिल में है समाया,उसकी उपासना ही कर्तव्य है बताया,कण कण में जो रमा हैं हर दिल में है समाया।। दिल सोचता है खुद वह कितना महान होगा,इतना महान जिसने संसार है बनाया,इतना महान जिसने संसार है बनाया,कण कण में जो रमा हैं हर दिल में है समाया।। देखो … Read more