है अब भी वक़्त संभल जा तू छोड़ के नादानी
है अब भी वक़्त संभल जा तू छोड़ के नादानी Hai Ab BHi Waqt Sambhal Ja Tu Chhod Ke Nadani है अब भी वक़्त संभल जा तू छोड़ के नादानीमूरख प्राणी ओ मूरख प्राणीहै अब भी वक़्त संभल जा तू छोड़ के नादानी।। मांगने जाता है तू भिक्षा जिस ईश्वर के द्वारे परउस ईश्वर की … Read more