छोड मन तू मेरा मेरा अंत में कोई नहीं तेरा
छोड मन तू मेरा मेरा अंत में कोई नहीं तेराछोड मन तू मेरा मेरा रे अंत में कोई नहीं तेरा।। धन कारण भटक्यो-फिरयो,रच्या नित नया ढंग,ढूँढ-ढूढकर पाप कमाया, चली न कौड़ी संग,होय गया मालक बहुतेरा अंत में कोई नहीं तेरा,छोड मन तू मेरा मेरा,अंत में कोई नहीं तेरा।। टेढी बाँधी पागड़ी, बण्यो छबीलो छैल,धरतीपर गिणकर … Read more