दादी जी के मंदरिये मोर नाचे
दादी जी के मंदरिये मोर नाचे,दादी जी के मंदरिये मोर नाचे,घन घन घंटा शंख नागदा,दर पे नौबत बाजे रे म्हारे नौबत बाजे,दर पे नौबत बाजे रे म्हारे नौबत बाजे।। दादर मोर पापहीये बोले मंदरिये के माये,देख देख भक्ता की श्रद्धा दादी जी मुस्काये।। बैठो सोचे काई छाले भक्त के सागे,घना घना घंटा शंख नागदा,दर पे … Read more