शिव समा रहे मुझ में और मैं शून्य हो रहा हूँ
शिव समा रहे मुझ में,और मैं शून्य हो रहा हूँशिव समा रहे मुझ में,और मैं शून्य हो रहा हूँ।। क्रोध को लोभ को, क्रोध को,लोभ को मैं भस्म कर रहा हूँ,शिव समा रहे मुझ में और मैं शून्य हो रहा हूँ।ॐ नमः शिवाय शिव समा रहे मुझ में,और मैं शून्य हो रहा हूँ ॐ नमः … Read more