हर मुश्किल का हल लम्बोदर
सूझ बूझ के गणपति पीताम्बर,बिद्या के धनी है जेष्ठ पुत्र शंकर,देवा के अंदर दिमाग भयंकर,हर मुश्किल का हल, लम्बोदर।। मयूर पर बिराजे कार्तिक भैया,बोले लगाते हैं धरती का चक्कर,अचरच में पड़ गये गजानन भैया,मूषक सग कैसे चले लम्बोदर,मूषक सग कैसे चले लम्बोदर।। फिर देवा ने दिमाग दिखाकर,सावित किया वो है विद्याधर,देवा के अंदर दिमाग भयंकरहर … Read more