नाच रहे हैं भोले बाबा भस्मि रमा के
सावन की ये रितु सुहानीरिमझिम गिरता पानीनाच रहे हैं नंदी बाबानाच रहे भोले दानीभंग चड़ा के चिलम जलाकेनाच रहे हैं भोले बाबा भस्मि रमा के।। भोले मेरे भोले तेरे बिन कुछ ना याहबाबा भोले बाबा तुम जहां हम है वहा।। कलो के कल हो तुमतुमने विष का है प्यारा है पिया।। जटा शंकर कैलाशघाट घाट … Read more