जय हो कैलाशी जय हो कैलाशी
भाग तुम हो बहार तुम हो,फूल तुम हो हार तुम हो,जीत तुम हो हार तुम हो,आर तुम हो पार तुम हो,धरती अम्बर वायु अगनी तुम ही जल की धारा,तीन लोक में पा स्का न कोई पार तुम्हरा,जय हो कैलाशी जय हो कैलाशी।। तेरी लोह से हर प्राणी की जलती जीवन बाती,तेरी ईशा बिन तो कोई … Read more