छोड़ के खाटू नगरी को मेरे घर आ जाओ श्याम
छोड़ के खाटू नगरी को मेरे घर आ जाओ श्याम Chhod Ke Khatu Nagari Ko Mere Ghar Aaja O Shyam छोड़ के खाटू नगरी को मेरे घर आ जाओ श्याम,मैं निर्धन बालक हु तेरा तुम मेरे घनश्याम, तिनका तिनका जोड़ सँवारे मैंने इसे बनाया,प्रेम साधना और भक्ति से इसको खूब सजाया,बड़े चाव से है सांवरिया … Read more