दर दर भटक रहा हु तेरी दोस्ती के पीछे
दर दर भटक रहा हु तेरी दोस्ती के पीछे Dar Dar Bhatak Raha Hu Teri Dosti Ke Peechhe दर दर भटक रहा हु तेरी दोस्ती के पीछे,क्या सजा मिली है मुझको तेरी दोस्त के पीछे,दर दर भटक रहा हु तेरी दोस्ती के पीछे मैं गरीब हु तो क्या है दीनो के नाथ तुम हो,होठो पे … Read more