लखन नु देके भूल जांदी है मेरी मां नू गिनती नहीं औंदी
लखन नु देके भूल जांदी हैमेरी मां नू गिनती नहीं औंदी लखन नु देके भूल जांदी हैमेरी मां नू गिनती नहीं औंदी एक मांगिये लाख फ़ड़दी है हैमेरी मां नू गिनती नहीं आउंदी है जय जय माँ बोलो जय जय माँ बोलोइस दे घर कदे लग के देखो माँ रॉय आगर बचेकुछ भी मांग के … Read more