काम, क्रोध, मद, लोभ और माया पहरे धार बिठाया
काम, क्रोध, मद, लोभ और मायापहरे धार बिठायाइन सबसे जो बच कर आयाउसने श्याम को पाया,बोलो है ना बोलो है ना,काम, क्रोध, मद, लोभ और माया।। इन पांचो के पीछे देखोभाग रहा जग सारा,छोड़ दे चिंता इन पांचो कीबन जा श्याम का प्यारा,जिस ने इन पांचो को छोड़ाउसका साथ निभाया,बोलो है ना बोलो है ना,काम, … Read more