शिरडी की गलियों में देखा मैंने इक फ़कीर
शिरडी की गलियों में देखा मैंने इक फ़कीर Shirdi Ki Galiyo Mein Dekha Maine Ek Fakir शिरडी की गलियों में देखा मैंने इक फ़कीर,घर घर अलख जगाते देखा मैंने इक फ़कीर।। जिस घर पूजा होती साई सुनती उसकी माई,कोई कमी ना रहती उसके बैठे है मेरे साई,कोना कोना अमृत बरसे जिस घर हो तस्वीर,घर घर … Read more