कहा छुप गया तू कहा तुझको धुंडु ओ मेरे मन के मीत
कहा छुप गया तू कहा तुझको धुंडुओ मेरे मन के मीत,मन वीणा की टूटी हैतारे विखरा मेरा संगीत,ओ मेरे मन के मीत, क्या थी वो राते जिनरातो में गीत तुम्हरे गाये थे,सात सुरो की खुशबु सेउन गीतों को महकाये थे ॥ना जी सकूगा न मरसकूगा मेरी रह गई अधूरी प्रीत,ओ मेरे मन के मीत, Hit … Read more