मैंने झोली फैला दी कन्हैया अब खजाना तू प्यार का लुटा दे
मैंने झोली फैला दी कन्हैया,अब खजाना तू प्यार का लुटा दे।। आया बन के मैं प्रेम पुजारी,आया बन के मैं दर का भिखारी,देदे झोली में इतना दयालुमांग ने की ये आदत छुड़ा दे,मैंने झोली फैला दी कन्हैया।। मुझको इतनी शर्म आ रही है न जुबा से कही जा रही है,तूने लाखो की बिगड़ी बनाई आज … Read more