सिया ढूंढने वाले रघुनंदन अब मैं तुम्हें पहचान है
सिया ढूंढने वाले रघुनंदनअब मैं तुम्हें पहचान है।। गायिका – अंजलि जैन सिया ढूंढने वाले रघुनंदनअब मैं तुम्हें पहचान है।। सबरी के घर की मेहमानीभवन तुम्हें अब पाना है।। ये कबसे नइयां तड़पते हैंभगवान आपके दर्शन को।। फिर कहो किस तरह जा सकते हैंतोड़ के प्रेम के बंधन को।। के दिन से राखे चाख चाखये … Read more