रूखी मिले चाहे रोटी मुझे कोई गम नहीं
रूखी मिले चाहे रोटी मुझे कोई गम नहीं,रखना सुखी परिवार मेरा विनती है बस यही।। सिर पर हो न कर्जा कभी न हाथ फेहलाऊ कभी,दर दर की ठोकर खाऊ न मुझे राह दिखादो सही,घुट घुट के जीना बाबा मेरे बस में अब नहीं,रखना सुखी परिवार मेरा विनती है बस यही।। नफरत को दिल से निकाल … Read more