ब्रिज की गली-गली में शोर आयो-आयो माखन चोर
चाहु दिश चाहु औरब्रज में हो गायो ऐसा हल रेनंद के घर आनंद है प्रगतिजयो यशोदा ने लल्ला रे ।। ब्रज की गली गली में शोरआयो आयो माखन चोर ब्रज की गली गली में शोरआयो आयो माखन चोर नंद भवन में आनंद बरसेनन्द यशोदा को मनवा हर्षे आनंद को और ना छोड़आयो आयो माखन चोरआयो … Read more