मेरे जर जर है पांव समबालो प्रभु
मेरे जर जर है पांव समबालो प्रभु Mere Jhar Jhar Hai Paanv Sambhalo Prabhu मेरे झर झर है पांव समबालो प्रभु,अपने चरणों की छाँव बिठा लो प्रभु,मेरे जर जर है पांव माया ममता की गलियों में भटका हुआ,मैं हु तृष्णा के पिंजरे में अटका हुआ,लाला ध्रिष्णो ने गांव निकालो प्रभु,मेरे झर झर है पांव… गहरी … Read more