तुम्हारा होके मुझसे हाथ फैलाया नहीं जाता
किसी से उनकी मंजिल का पता पाया नही जाता,जहाँ है वो फरिश्तों का वहाँ साया नही जाता॥ मोहब्बत के लिये कुछ खास दील मखसुस होते है,ये वो नगमा है जो हर एक साज पे गाया नही जाताकिसी से उनकी मंजिल का पता पाया नही जाता॥ फ़कीरी मे भी मुझको माँगने मे शर्म आती है,तेरा हो … Read more