ढोल बाजे माँ के भवन में नवराते आये
ढोल बाजे माँ के भवन में नवराते आये,चलो रे चलो भक्तो चलो माँ को आज मनाये,ढोल बाजे माँ के भवन में नवराते आये।। पहला रूप है शैलपुत्री का जो सब को वर देती,दूजा रूप है ब्रह्मचारणी संकट ये हर लेती,तीजी चंद्रघंटा मैया को सत सत शीश झुकाये,चलो रे चलो भक्तो चलो माँ को आज मनाये,ढोल … Read more