मैया के आये नवराते मेहर बरसते
मैया के आये नवराते मेहर बरसते ,खजाने खोल कर माँ बैठी,शहर शहर जगराते भगत करवाते खजाने खोले माँ बैठीमैया के आये नवराते मेहर बरसते।। उचे पर्वत गुफा निराली पिंडी रूप में शेरा वाली,सरस्वती माँ लक्ष्मी माता साथ विराजे माँ महाकाली,माँ के दर्शन पा लो ओ शीश निभालो सजाके दरबार बैठी,मैया के आये नवराते मेहर बरसते।। … Read more