लिखे माँ चिट्ठियां तू सारे जग को
लिखे माँ चिट्ठियां तू सारे जग को,पर मेरी ही मइयां क्यों वारि न आई,नवराते लौट के लो फिर आ गये,पर कोई भी खबर तुम्हारी ना आई,लिखे माँ चिट्ठियां तू सारे जग को।। पहाड़ो में तू रहती है गुफाओ में तेरा डेरा,मैं निर्धन हु तू दाती है ज्ञान करले तू माँ मेरा,भटक न जाओ रहो में … Read more