डम डम डमरू बजावे होके मस्त मगन में नाचे
डम डम डमरू बजावे होके मस्त मगन में नाचेमहल अटारी छोड़ छड के बाशा बेल विराजेआई जब विपदा के नर के हक में पिया विष का प्यालामेरा भोला बड़ा निराला मेरा भोला बड़ा निराला।। औघड़ दानी नाम अप्रम कहानीबेहटा जाता से जिसका गंगा का पानीमाखन मिश्री खाए नहीं भंग का गोला भयेभस्म रामायण दहियां घर … Read more