मतना भंगिया पीवे भोले दुख काटो संसार के
मतना भंगिया पीवे भोलेदुख काटो संसार केये भगत रूठ जावेंगेढोके से तेरे प्यार के।। रोजना तू नशा करे सेइसके नहीं डरे से।। गौरा तू कहे डरसेमतलाब तू बात करे से।। भंगिया से नट तोड़ दे तूनशा करना भोले छोड़ दे तू।। चैन से भी ना जीवन देदेखो नखरे नार के।। ये भगत रूठ जावेंगेढोके से … Read more