तेरी महिमा अपार शंकरा कैसे करू उच्चारण
एक हाथ त्रिशूल विराजे इक हाथ में डमरू साजे,गल सर्पो की माला सोहे जटा में गंगा धारण,तेरी महिमा अपार शंकरा कैसे करू उच्चारण।। तीन लोक के मालिक तुम हो इस लिए तू तिरलोकी,आई धरा पे बहती गंगा जटा में अपने रोकी,तू विष धर है तू गंग दर है कितने तेरे उदहारण,तेरी महिमा अपार शंकरा कैसे … Read more