होके मगन भोले डोले
होके मगन भोले डोलेपीके थोडी देखें भंग बांध बांध डमरू बाजेत्रिधिक बोले मृदंगपीके थोडी देखें भंग कैलाश पे मस्ती छाया हैभोले ने लीला रची है शिव रात्रि की बेला आई हैधरती जग मगयी है खाये सब हिचकोलेपीके थोडी देखें भंग होके मगन भोले डोलेपीके थोडी देखें भंग कहीं भजन कहीं भंडारेकभी पे मिले लगे हैंकरने … Read more