डम डम डमरू बजाये शिव शंकर कैलाशपति

डम डम डमरू बजायेशिव शंकर कैलाशपति डम डम डमरू बजायेशिव शंकर कैलाशपति नींद में सोया जीवा जगायेशिव शंकर कैलाशपति मठे उपहार तिलक चंद्रमाकहने नाग की माला डमरू की धुन पे नाचनचे सृष्टि का रखवाला सेवक तन के कस्त मितयेशिव शंकर कैलाशपति जटा जड़ से बहती गंगासबके पाप मिठाई धरती और प्यारे जीव किसमैया प्यास बुझाती … Read more

कितना प्यारा है श्रृंगार सजा है भोले का दरबार

डमरू वाले त्रिशूल वालेगले में बैठा नागकितना प्यारा है श्रृंगारसाजा है भोले का दरबारहम को भोले पे ऐतबार है।। मेरे भोले भंडारी करे बसहा की सवारीकरो कृपा हे अघोरीहाथ जोड़े दुखियारीमेरे मन में तुही विराजेदर्शन दे दो आजू कितना प्यारा है श्रृंगारसाजा है भोले का दरबारहम को भोले पे ऐतबार है।। आंख तो खोले भोलेलाया … Read more

बम बम भोले की जय शिव शंकर की जय

बम बम भोले की जयशिव शंकर की जय जय भोले नाथ जय भोले नाथजय भोले नाथ जय भोले नाथ कैलाशपति है मस्त मलांगादुनिया सारी कहती भसमा रमाय गले में पनियालजाता से गंगा बहती बोल जय करा शिव शंकर कीमिट जाए सारे गम बम बम भोले की जयशिव शंकर की जय जय भोले नाथ जय भोले … Read more

अपना तो चलता है भाई भोले से काम रे

अपना तो चलता है भाई भोले से काम रेहमको तो प्यारा लागे भोले का नाम।। भोले से भोला देव और नहीं दूजासबसे सरल मेरे भोले की पूजा।। अपना तो चलता है भाई भोले से काम रेहमको तो प्यारा लागे भोले का नाम।। हमने तो पिया भैया भक्ति का जाम रेहमने तो पिया भैया भक्ति का … Read more

कैलाशी कशी के वासी ज्ञान निधान तुम्ही हो शंकर भगवन तुम्ही हो

कैलाशी कशी के वासी ज्ञान निधान तुम्ही होभूत भयंकर किंकर हो शंकर भगवन तुम्ही होकैलाशी कशी के वासी ज्ञान निधान तुम्ही हो।। किया साल कूट है जाता जूट उठ रही सर लहर गंगापावन पुनीत हे गुण अतीत है अतीत सोहे उपवीत भुजंगा।। कुण्डलों की झलक जल अनल तकहै धरण फलक पंच रंगाशोभा का धाम किया … Read more

पर्वतो पे रहने वाले ओ भोले

ऊँचे ऊँचे पर्वतो पे रहने वाले ओ भोलेतुमसे बड़ी है आस शिव शंकर भोले।। भोला है डमरू वाला नाम भी भोलातेरे ही आगे दुखो का दरवाजा खोला।। मेरे इन कष्टों को दूर अब तो करदो भोलेतुमसे बड़ी है आस शिव शंकर भोले।। ऊँचे ऊँचे पर्वतो पे रहने वाले ओ भोलेतुमसे बड़ी है आस शिव शंकर … Read more

भंग पीकर रहते हैं सदा मस्त मौला शिव शंकर औघड़ दानी बम भोला

भंग पीकर रहते हैं सदा मस्त मौलाशिव शंकर औघड़ दानी बम भोलामस्त मौला मस्त मौला मस्त मौला रास आती नहीं इनको दो संग पलंगीरहते भस्मी रमाये अंग अंग धरन करते वाघम्बर ओढ़ ले मृगछलाशंभू देवो के देव बड़े मतवालेभंग पीकर रहते हैं सदा मस्त मौला बम बम भोले बम भोलेबम बम भोले बम भोले इनको … Read more

होके मगन भोले डोले

होके मगन भोले डोलेपीके थोडी देखें भंग बांध बांध डमरू बाजेत्रिधिक बोले मृदंगपीके थोडी देखें भंग कैलाश पे मस्ती छाया हैभोले ने लीला रची है शिव रात्रि की बेला आई हैधरती जग मगयी है खाये सब हिचकोलेपीके थोडी देखें भंग होके मगन भोले डोलेपीके थोडी देखें भंग कहीं भजन कहीं भंडारेकभी पे मिले लगे हैंकरने … Read more