तेरी रहमतों ने हमको दर पर बुला लिया है
तेरी रहमतों ने हमको दर पर बुला लिया है,दर दर की ठोकरों से हमको बचा लिया है।। यु तो खा रहे थे घोटे मझदार में थी नैया,देकर मुझे सहारा किनारे लगा दिया है,तेरी रहमतों ने हमको दर पर बुला लिया है।। क्या मांगू मैं जहाँ से दुनिया तो है भिखारी,मैंने तो तेरे दर पे दामन … Read more