आप दृष्टि यूं ही देते रहो बाबा सुख सागर मे गहरे उतार जाऊं
आप दृष्टि यूं ही देते रहो बाबाआप दृष्टि यूं ही देते रहो बाबा सुख सागर मे गहरे उतार जाऊंसुख सागर मे गहरे उतार जाऊं हो पलके ना पल भर बंद मेरीहो पलके ना पल भर बंद मेरी इन लहरो को दामन मे भर जाऊंइन लहरो को दामन मे भर जाऊं।। आप दृष्टि यूं ही देते … Read more