अब कोई दिक्कत नहीं है माँ
घाट घाट का पानी पीकरअरे देश विदेश में रहकर जीकरचल माँ के द्वार पेअब कोई दिक्कत नहीं हैके अब कोई दिक्कत नहीं है माँ तू जग जननी आदि भवानीतू जगदम्बे तू जग कल्याणीदर्शन कर प्रसन्ना होगयामैया मैं तो धन्य हो गयामिल गया माँ का प्यारअब कोई दिक्कत नहीं है माँ तेरे दर पे जो भी … Read more