आज धनु धारी घर आए हैं
हम हैं अवध के वासी गुमान हम हैंधरती पर मर्यादा की आन हम हैंदीपो से दीप जगमय हैलौट रहे अयोध्या वासीलोटे रहे वन वासीआज धनु धारी घर आए हैं।। नीर सरयू का है पवनघाट लगता है सुंदर लुभवन।। मेरे रघुवर की है राजधानीजिसकि पग पग पर मिलेगी निशानीतारे जमी पर उतर आए हैं।। लौट रहे … Read more