फरियाद सुनाने को फरियादी आया है
फरियाद सुनाने को फरियादी आया है,दिल के इन जख्मो में दिखलाने आया है।। कभी खुद गिर जाती हु कभी लोक गिराते है,सुलझाती हु जितना उतना उलझाते है,उलझी हुई गाठो को सुलझाने आया हु,दिल के इन जख्मो में दिखलाने आया है।। दिनो के मसीहा हो दुखियो के पालनहार,चरणों में आई हु लेकर के अनुवन हार,है लाज … Read more