सबकुछ मिला रे भोले रेहमत से तेरी
ओ सबकुछ मिला रे भोले रेहमत से तेरीतूने ही है सुनी इल्तिजा मेरी।। बन के फ़कीर मैं चला राह में तेरीतू न मिलया मुझको आस है तेरी।। ओ सबकुछ मिला रे भोले रेहमत से तेरीतूने ही है सुनी इल्तिजा मेरी।। तन एक मंदिर है रूह एक जरियातू ना मिलेगा चाहे खोज लो दरियारहता है कहा … Read more