हीरा मोत्या सू जड़यो रे ल्याया लाल चुनरी
हीरा मोत्या सू जड़यो रे,ल्याया लाल चुनरी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी ।। लाल कसुमल दादी,घणी मन मोहणी,ओढके देखो थारे,लागसी या सोवणी,सारी दुनिया में करेगी,या धमाल चुनरी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी।। जयपुर को माँ,पोत है भारी,ई चुनरी न निरखे,दुनिया या सारी,देख्या मन हरसावे,या कमाल … Read more