गोकुल की हर गली में मथुरा की हर गली में
कन्हैया मेरी अँखियों में वो तासीर हो जाएनज़र जिस चीज़ पे डालूं तेरी तस्वीर हो जाये गोकुल की हर गली में मथुरा की हर गली मेंकान्हा को ढूंढता हूँ दुनिया की हर गली मेंगोकुल की हर गली में गोकुल गया तो सोचा माखन चुराता होगाया फिर कदम्ब के नीचे बंसी बजाता होगागूजरी की हर गली … Read more