मीरा कहे मैं बैरागन हूँगी
जय हो गिरधारी प्रभु सुनलो म्हारीरूप ये तेरो है बड़ा मनुहारीमीरा कहे मैं बैरागन हूँगीजिन भेषा म्हारा साहिब रीझेठाकुर जो मेरा साहिब करुँगीसोही मैं तो भेष धरूंगीओ गिरधारी सुन म्हारी है तेरो रूप मनुहारी कहो तो कुशमाल साड़ी रंगवाकहो तो भगवा भेषकहो तो मोतियन मांग भरवाकहो तो छिटकवा केशगिरधर मेरा जैसे मानेदिन को कहे रात … Read more