एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा
एक तिनके के जैसा बिखर जाएगा,पाप करते हो जिस ज़िंदगी के लिए,शाम होते ही सूरज भी ढल जाएगा,ऐसा नियम बना है सभीं के लिए,एक तिनके के जैंसा बिखर जाएगा।। आदमी तुम भी हो आदमी मैं भी हूँ,यूँ तो हर आदमी आदमी हैं मगर,आदमी आदमी पर वो किस काम का,आदमी जो ना हो आदमी के लिए,एक … Read more