सिंह पे बैठा सिंह वाहिनी माँ
ऊंचे ऊंचे पर्वत वालीमाँ पहाड़ावली तूसिंह पे बैठा सिंह वाहिनीकहलाती शेरावाली तू ज्योतिवाली पिंडी रानीलता वाली उपकार करोदुर्गाती नैशिनी हे दुर्गा माँहम भक्तो का कल्याण करो हो शेर पर बैठी मेरी माता रानीआजा तू मेरी शेरावालीज्योत जैसे चमकने वलीआजा तू मेरी ज्योतिवालीहो शेर प्रति बैठक जय जय शेरावलीजय जय लता वलिया जब जब भक्ति पे … Read more