बीच मझधार हू मैं सहारा दीजिए आकार के अब लचर हूं मैं शिवजी
बीच मझधार हू मैंसहारा दीजिए आकार केअब लचर हूं मैं शिवजी कैलाशा पति आओ अब देर लगाओ नासुन लो सुन लो जटाधारी मेरा अस पुराव न दीवाना दिल से बन कर जग में डोलेतुम्हारा नाम की माला को कर में डोले डोले में कर रहे हैंबढ़ती जाति है उमर उस पर लगाओ नासुन लो सुन … Read more