खाटू में विराजे मेरे बाबा दीना नाथ
खाटू में विराजे मेरे बाबा दीना नाथबिगड़ी बनाते सब की देते हारे का वो साथखाटू में विराजे मेरे बाबा दीना नाथ बड़ी ही निराली है ये खाटू नगरियाँता ता लगा रहता मेरे श्याम की दुवरियांराजा न रंक देखे न देखे जात पारबिगड़ी बनाते सब की देते हारे का वो साथ श्याम नाम से याहा गूंजे … Read more