श्याम तेरी लगन जो लगी
श्याम तेरी लगन जो लगी,तो अगन भी लगे बर्फ सी,तेरी परशाई हम पे बिछी,जो मिठाई पे वो बर्क सी सब जगह से निकाले हुए,तेरी महफ़िल में शामिल हुए,सच कहे एसी किरपा हुई,अब जमाने के काबिल हुए,है मिजाजी ये मोसम बुरा,तू दवा मेरे हर मर्ज की,श्याम तेरी लगन जो लगी थे दशा से बेचारे कभी,हर दिशा … Read more